बच्चो की बुख और सेहत अच्छी करने मे मदद करते है ये 3 परकार के योगासन

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अक्सर हर घरों में देखा जाता है कि बच्चों के खाने को लेकर हर मां परेशान रहती है हर मां में बस एक ही मुख्य परेशानी देखने को मिलती है कि उनका बच्चा खाने से दूर भागता है,और उसे भूख ही नहीं लगती। इस समस्या के समाधान के लिए हम आपके सामने एक खास प्रकार का उपाय लेकर आए है जिसे अपनाकर आप अपने बच्‍चों में भूख को लेकर होने वाली समस्‍याएं से छुटकारा पा सकती है।

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यदि आपका बच्चा खाने के प्रति लापरवाही कर रहा है और उसे भूख नहीं लग रही है तो उसके लिए आप अपने बच्चों को खेल-खेल के तरीको से योगा करने की आदतों का डालें। अपने बच्चे को प्रतिदिन 15 मिनट योगा कराये। योग को करने से बच्‍चे स्‍वस्‍थ्‍य रहते है और आतंरिक विकार दूर होने से उनकी भूख भी बढ़ती है।

तो आइए जानते हैं भूख सम्‍बंधी समस्‍याओं को दूर करने वाले योगा

1. बटरफ्लाई पोज या बधाकोसन:
यह भूख बढ़ाने वाला काफी अच्‍छा योगा है। इसे करने से कब्‍ज की समस्‍या दूर हो जाती है और पाचन क्रिया भी दुरूस्‍त हो जाती है। तो इसे आप करने के लिए तैयार हो जाये।

  • इस प्रक्रिया को करने के लिए आप सबसे पहले जमीन पर दरी या चटाई को बिछा कर बैठ जाएं।
  • इसके बाद अपने शरीर को बिल्‍कुल सीधा करते हुए दोनों पैर के घुटनों को मोढ़ लें।
  • अपने दोनों पैरों के तलवों को एक दूसरे के आमने-सामने की ओर करते हुए रखें।
  • हाथों की सहायता से पैरों के पंजों को पकड़ते हुए पैरों को चारों ओर मूव कराएं।
  • इसके बाद जांघों को इस प्रकार से हिलाएं जैसे कोई कंपन हो रहा हो आप जांघों को जितना ऊपर उठा सकते है उतना ले जाते हुए बार-बार ऊपर नीचे करते हुए हिलाएं।
  • यह आसन जितना बार किया जाए उतना ही बच्चों से लेकर बड़े बूढ़ों तक के लिए काफी फायेदमंद साबित होता है। इससे शरीर की मासपेशियों में खिंचाव होने से रक्त का प्रवाह सही रहता है। शरीर में लचीलापन भी आता है।

2. खरगोश पोज:
यह आसन तनाव दूर करने के लिए सबसे अच्‍छा माना जाता है। इसे करने से पाचन क्रिया भी दुरूस्‍त रहती है और पेट में होने वाली आंतरिक समस्‍या भी दूर हो जाती है। इसे निम्‍न प्रकार करते हैं:

  • शशांकासन या खरगोश आसन को करने से पहले आप जमीन पर चटाई या दरी बिछा कर बैठ जाएं।
  • अपने दोनों पैरों को घुटनों को पीछे की ओर मोड़ते हुए हिप्स के नीचे रखें और एड़ियों पर बैठ जाएं।
  • अब अंदर की ओर सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर करते जाये।
  • इसके बाद दोनों हाथों को आगे की ओर ले जाते हुए हथेलियों को जमीन पर रखें । इस तरह से करते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकते हुए सांस को बाहर छोड़ते जाये।
  • अपने सिर को भी जमीन पर टिकाकर रखें। अब इस प्रक्रिया में आने के बाद आप अपनी सांस को कुछ समय तक बाहर छोड़कर और रोककर रखें।
  • इसके बाद अंदर की ओर सांस लेते हुए शरीर को ढीला छोड़ दे। इसके बाद धीरे-धीरे पहले पेट को, उसके बाद छाती के हिस्से को, फिर सिर को उठाकर सिर व हाथों को सामने की तरफ करके रखें।
  • कुछ समय तक आप इसी प्रक्रिया में बने रहें। फिर धीरे-धीरे सीधे होने की कोशिश करते हुए अपनी पुरानी स्थिति में आकर थोड़ा अराम करें। फिर इस क्रिया को दुबारा दोहराएं।

3. चिन्‍मय मुद्रा:
इस आसन को करने से शरीर में ताजगी आती है तथा ऊर्जा का संचार होता है,इससे पाचन क्रिया सही रहती है जिससे भूख बढ़ने लगती है। इस आसन को हमें इस प्रकार से करना होता है।

  • सबसे पहले आप एंकात जगह पर एक चित होकर अपनी आंखों को बंद करके आराम से सुखासन में बैठ जाएं।
  • इसके बाद हाथों को अपनी जांघों पर रखते हुए हथेलियों को नीचे की ओर करें।
  • ब एक हाथ की उंगली के अंगूठें से दबाकर रखे और बाकी की तीन उंगलियों को बाहर की ओर रखते हुए ज्ञान की मुद्रा में रखें।
  • इसके बाद एक गहरी सांस अंदर की ओर लेते हुए 2 से 3 मिनट तक इसी स्थिति में बने रहे।
  • इस तरह से इस प्रक्रिया को आप 3से 4 बार दोहराएं।
  • सूर्य नमस्‍कार से बच्‍चों को एक नहीं बल्कि की तरह के शारीरिक फायदे देखने को मिलते है। इसलिए आप अपने बच्चों को इस ओर ज्यादा से ज्यादा प्रेरित करें।
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