भारत ने बना डाली ऐसी मिसाइल जो कर देगी 1 मिनट मे 6 देशो को तहस नहस

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एक के बाद एक रक्षा के क्षेत्र में नई-नई इबारतें भारतीय वैज्ञानिक सेना को मजबूत करने के लिए लिख रहे हैं। ऐसा करने के पीछे भारत केवल एक ही तर्क देता है कि ऐसी खतरनाक मिसाइलों का प्रयोग हिन्दुस्तान केवल और केवल आत्मरक्षा के लिए कर रहा है।भारत की तीनों सेनाएं एक से बढ़कर एक अपने खेमें में जंगी हथियार जोड़ रहीं है। फिर चाहे वो एयर फोर्स के लड़ाकू विमान और मिसाइले हों या फिर नेवी के जंगी जलपोत वही थल सेना के लिए तोपों को भी जंगी बेड़े में शामिल किया जा रहा है। इससे साफ जाहिर होता है कि हमारी सेनाएं युद्ध कौशल के साथ-साथ युद्ध में फतह हासिल करने के लिए खुद को तैयार कर रही है।

भारतीय वैज्ञानिक भी एक के बाद एक नई मिसाइलों को इजाद कर भारतीय सेना को मजबूती देने की कोशिश कर रहे हैं। जिसमे आधुनिक तकनीकि से लैस मिसाइलों को बनाया जा रहा है और सेना को मजबूत करने के इरादे से सेना में शामिल किया जा रहा है। हाल ही में कई मिसाइले तैयार हुई हैं और पहले से भी कई मिसाइले सेना की ताकत की पहचान हैं। आज हम उन्ही मिसाइलों के बारे में बताएंगे कि कैसे वो दुश्मन के किले को भेद सकतीं हैं।

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सूर्य मिसाइल पर काम कर रहा है DRDO (Intercontinetal Ballastic Missiles)

सूत्रों और मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो रक्षा अनुसन्धान और विकास संगठन पिछले कई सालों से सूर्य मिसाइल सिस्टम पर काम कर रहे है।
बताया जा रहा है कि इस मिसाइल का परीक्षण वर्ष 2017 में होने की उम्मीद है।

एक ही साथ कई परमाणु हथियार ले जाने में है सक्षम

भारत की सूर्य मिसाइल दुनियां की सबसे खास मिसाइल है। इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासबात यह है कि यह मिसाइल अपने साथ एक नहीं बल्कि कई परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम होगी और बेहतर ढंग से अगर इसे समझने का प्रयास करें तो पता चलता है कि यह मिसाइल एक ही साथ कई देशों को या फिर एक ही देश के कई इलाकों को तबाह कर सकनें में सक्षम है।

इंटरकॉन्टिनेंटल बैलेस्टिक मिसाइल है

भारत के सर्वाधिक सीक्रेट प्लान के तहत बनायी गयी इस मिसाइल की मारक क्षमता के बारे में बताया जा रहा है कि इसकी मारक क्षमता 10,000 से 12,000 किमी तक की है, यह एक इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल है।
इस मिसाइल के भारतीय सेना के जखीरे में शामिल होने के बाद भारतीय सेना हिन्दुस्तान में ही बैठे-बैठे यूरोप, एशिया, अफ्रीका, अलास्का और उत्तरी कनाडा तक निशाना लगा सकती है।

किन-किन देशों के पास है इंटरकॉन्टिनेंटल मिसाइल

अभी अमेरिका के पास 13 हजार किलोमीटर की मारक क्षमता वाली मिसाइल मौजूद है।

चीन ने हाल ही 14 हजार किलोमीटर तक मार करने वाली डोंगफेंग-41 नाम की मिसाइल का परीक्षण किया है।

जबकि रूस के पास अभी 10 हजार किलोमीटर और पाकिस्तान के पास सिर्फ 2 हजार 750 किलोमीटर की रेंज वाली मिसाइल मौजूद है।
भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के वैज्ञानिकों की लगातार कोशिश है कि वो भारतीय सेना को मजबूती प्रदान कर सकें। संस्थान के वैज्ञानिकों का हना है कि अपने देश की सेना और सेनाओं को वो मजबूती देने की कोशिश कर रहे हैं जिसके सामने किसी भी देश की सेना घुटने टेक दे और हार मान ले।

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