देखे विडियो: कैसे अंजाम दिया था इजरायल ने दुनिया की सबसे खतरनाक सर्जिकल स्ट्राइक को!!

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हाल ही में भारतीय सेना ने पाकिस्तान में जाकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था. ऐसी सर्जिकल स्ट्राइक दुनिया के अन्य देश भी कर चुके है. आज हम बताएँगे आपको दुनिया की सबसे खतरनाक सर्जिकल स्ट्राइक केर बारे में जिसे अंजाम दिया था इजरायल ने और जिसका नाम था ऑपरेशन एंतेब्बे |

27 जून 1976 को इजरायल के तेल-अवीव से उड़ा एक यात्री विमान जिसे जाना तो पेरिस था पर पहुँच गया युगांडा की राजधानी एंतेब्बे. दरअसल इस प्लेन को कुछ फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने हाइजैक कर लिया था और यात्रियों की रिहाई के बदले इजरायल, केन्या और वेस्ट जर्मनी में कैद 54 फिलिस्तीनी आतंकवादियों को छोड़ने की मांग रखी थी.

लगभग एक हफ्ते की लम्बी बातचीत के बाद भी आतंकवादी झुकाने को तैयार नहीं थे. तब आखिरकार  इजरायल ने इस समस्या से निपटने के लिए सैन्य सहारा लेना ही उचित समझा. पर ये सब इतना आसन भी नहीं था. दरअसल उन आतंकवादियों को यूगांडा के तानाशाह इदी अमिन का संरक्षण प्राप्त था.

इस सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देने के लिए इजरायली सेना ने एक मास्टर प्लान बनाया. तेल-अवीव से एंतेब्बे की दूरी 4000 किलोमीटर थी. इजरायली सेना के कुछ स्पेशल कमांडो एक विमान में बैठ कर एंतेब्बे एअरपोर्ट पर पहुंचे. विमान से निकलते वक़्त वो सभी कमांडो एक लिमोजिन और दो सुरक्षा वाहनों में बैठकर एअरपोर्ट के टर्मिनल एक की ओर बढे. दरअसल ये उनकी युगांडा के सैनिकों को चकमा देने की तरकीब थी. युगांडा ने सैनिको ने समझा की ये काफिला राष्ट्रपति इदी अमिन का है. जब तक वो सैनिक सच समझ पाते तब तक इजरायली सैनिक सैलेंसर लगी बन्दूको से उनका काम तमाम कर चुके थे.

विडियो देखे-

इसके तुरंत बाद दो और इजरायली विमान एंतेब्बे एअरपोर्ट पर उतरे जिनमे 200 इजरायली सैनिक तैनात थे. ये सभी सैनिक उन आतंकवादियों पर यमराज बनकर टूटे और सभी आतंवादियों को खत्म कर सारे बंधकों के साथ इजरायल पहुंचे. इस स्ट्राइक में दुर्भाग्यवश कुछ बंधक सैनिको और आतंवादियों की क्रॉस फायरिंग में मारे गए. इस अभियान में इजरायली सेना के अधिकारी लेफ़्टिनेंट कर्नल नेतन्याहू भी शहीद हुए. अंत में 4 जुलाई 1976 को ये बंधक संकट खत्म हुआ.

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