बड़ी खबर:अखिलेश यादव को समाजवादी पार्टी से बहार किया गया, पढ़े मुलायम सिंह यादव ने क्या कहा!!

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सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के फैसले से समाजवादी पार्टी में भूचाल सा आ गया है. पार्टी के बड़े बड़े दिग्गज भी अलग अलग बयान देते हुए नजर आ रहे है किसी भी वरिष्ठ नेता को ये समझ नही आ रहा है कि वो अब इस चुनाव कि घड़ी में किसके पक्ष में जाए या कुछ बोले एक तरफ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष है तो दूसरी तरफ प्रदेश के सीएम.

अखिलेश यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निकाल दिया गया है, अब देखना होगा कि क्या अखिलेश अपनी दूसरी पार्टी का एलान करते है. अखिलेश के साथ उनके करीबी माने जाने वाले रामगोपाल यादव को भी 6 साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है. जिससे समाजवादी पार्टी अब दो फाड़ हो गई है.

मुलायम सिंह ने कहा है कि अखिलेश अनुशासन हीनता करते हुए कैसे दूसरे उम्मीदवारों की सूची तैयार कर दिए, इसी लिए अनुशासन हीनता कि वजह से पार्टी में से उन्हें निकाल दिया गया है.

शिवपाल यादव की मौजूदगी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुलायम ने कहा, ‘रामगोपाल ने कई बार अनुशासन तोड़ा है। साथ ही उन्होंने पार्टी को आघात पहुंचाया है। इसलिए उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया जाता है।’

मुलायम ने कहा, ‘हम समाजवादी पार्टी को टूटने नहीं देंगे। मैं तय करूंगा की मुख्यमंत्री कौन होगा। मैंने पार्टी बचाने के लिए अखिलेश और रामगोपाल यादव को निकाला। मुलायम ने कहा कि रामगोपाल द्वारा बुलाए गए सम्मेलन में जो शामिल होगा उसे पार्टी से निकाल दिया जाएगा।’

सपा मुखिया ने कहा, ‘राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाने को अधिकार केवल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को है और पार्टी का अध्यक्ष मैं हूं। रामगोपाल की चाल नहीं समझ रहे अखिलेश। राम गोपाल ने जो कुछ किया है वह सब असंवैधानिक है। रामगोपाल अखिलेश का इस्तेमाल कर रहे हैं।’

अखिलेश को पार्टी से बाहर निकाले जाने की खबर बाहर आते ही लखनऊ में अखिलेश के घर के बाहर समर्थकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। समर्थक अखिलेश ‘जिंदाबाद’ और शिवपाल यादव ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाने लगे।

यह पूछे जाने पर कि माफी मांगे जाने पर क्या वह अखिलेश को पार्टी में वापस लेंगे। इस पर मुलायम ने कहा कि अखिलेश जब माफी मांगेंगे तब देखेंगे।

इसके पहले मुलायम ने अनुशासन तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया। मुलायम ने पूछा कि अनुशासन तोड़ने के लिए दोनों के खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

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