बड़ी खबर.. अब से ये चीज मिलेगी बिलकुल फ्री, भूलकर भी ना दे इसके पैसे!!

2638

बड़ी खबर.. अब से ये चीज मिलेगी बिलकुल फ्री, भूलकर भी ना दे इसके पैसे!!

रेस्टोरेंट या होटल में सर्विस टैक्स देना जरुरी नहीं, मर्जी हो तो दीजिये नहीं तो रहने दीजिये

नई दिल्ली: केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने साफ किया है कि कोई भी कंपनी, होटल या रेस्टोरेंट जबरन सर्विस जार्च नहीं वसूल सकता। कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री ने सभी राज्य सरकारों से कहा है कि वह कंपनियों, होटलों और रेस्टोरेंट को इस बारे में सचेत कर दें। यह प्रावधान पहले से भी था कि बिल में टैक्स के अलावा सर्विस चार्ज जोड़ा गया तो इसे देना या न देना ग्राहक की इच्छा पर निर्भर करता है। लेकिन होटलों और रेस्टोरेंट ने इसे जरुरी बना दिया था। लेकिन अब मंत्रालय ने पूरी तरह से साफ किया है कि उपभोक्ता की मर्जी के बिना सर्विस टैक्स नहीं वसूला जा सकता है।

मंत्रालय की तरफ से साफ किया गया है कि बिल में टैक्स जोड़ने के बाद सर्विस चार्ज लगाया गया तो उसे चुकाना वैकल्पिक होगा। यानि अगर उपभोक्ता ये महसूस करता है कि उसे जो सर्विस दी गई वो सही थी और ग्राहक की इच्छा हो तो वह सर्विस चार्ज दे सकता है लेकिन ग्राहक उसे न देना चाहे तो फिर वो नहीं भी दे सकता है। सर्विस प्रोवाइडर उपभोक्ता पर सर्विस चार्ज देने के लिए किसी तरह का दबाव नहीं डाल सकता है।

मंत्रालय ने राज्य सरकारों को ये निर्देश भी दिया है कि वो होटलों, रेस्टोरेंट में सही जगह पर इस जानकारी को लगाएं कि सर्विस चार्ज का भुगतान पूरी तरह से ग्राहकों की मर्जी पर निर्भर करता है, इसमें कोई जोर जबरदस्ती नहीं हो सकती।

दरअसल विज्ञप्ति में कहा गया है कि उपभोक्ताओं ने कई शिकायतें की हैं कि होटल और रेस्टोरेंट टिप के रुप में 5 से 20 फीसदी तक सर्विस चार्ज लगाते हैं जिसका भुगतान करने का दबाव उपभोक्ताओं पर बनाया जाता है। जिसका सर्विस की कैटेगरी से कोई लेना-देना नहीं होता है।

 

SHARE